जर्जर एवं सन्नाटा पसरे सिंचाई विभाग के ऑफिस में आवाज देने पर प्रकट हुए एक नर और एक नारी।फिर उहोंने जो बताया उसे सुनकर आपकी आंखे फटी की फटी रह जाएंगी। पढ़िए पूरी खबर…..

कुसमी। वर्तमान भारत



कुसमी का जल संसाधन विभाग का अनुविभागीय कार्यालय भवन जिस तरह जर्जर है और अपने हाल पर आंसू बहाते नजर आता है,वहीं हाल यहां के अधिकारियों और कर्मचारियों का भी है। यह पदस्थ बड़े बाबू को लकवा मर दिया है, जिसके कारण वे लंबे समय से ऑफिस नहीं आ पा रहे हैं। यहां पदस्थ अनुविभागीय अधिकारी बी. के. त्रिपाठी स्वस्थ हैं, लेकिन अपनी ही दुनिया में मस्त हैं।फील्ड वर्क का बहाना बनाकर ये श्रीमान अक्सर ऑफिस से गायब रहते हैं,और ऑफिस चलाते हैं बेचारे दो चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी। कुछ ऐसा ही नजारा आज भी कार्यकारी संपादक श्री विरेन्द्र पांडेय के भ्रमण के दौरान देखने को मिला।श्री पाण्डेय ने आज शाम 4बजे जब उक्त ऑफिस का भ्रमण किया,तो ऑफिस में पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ था,लगा जैसे कोई भुतहा भवन है। जब श्री पाण्डेय जी ने आवाज लगाई पीछे से हिलते डुलते एक नर और एक नारी प्रकट हुए।

पूछने पर पता चला दोनों यहां चतुर्थ श्रेणी के पद पर पदस्थ है। इनमे से एक पम्प आपरेटर था और महिला थी जलवाहक । साहब के बारे में पूछने पर उन दोनों ने बताया कि बड़े बाबू को लकवा मार दिया है और साहब घर पर हैं। साहब को फोन करने पर उन्होंने घर में होना बताते हुए 5 मिनट में ऑफिस पहुंचने की बात कही। श्री पाण्डेय ने उनका उनका 5.30 बजे तक इंतजार किया,लेकिन एस. डी.ओ. साहब अंततः नहीं आए और कॉल भी रिसीव करना बंद कर दिया। तो ऐसे चलता है अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन विभाग कुसमी का कार्यालय।

विरेन्द्र पांडेय