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180 की स्पीड से चलेंगी अब शताब्दी, राजधानी

नई दिल्ली/एजेंसी

भारतीय रेलवे ने 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाला एक इंजन तैयार किया है। यह इंजन पूरी तरह से स्वदेश निर्मित है। इससे राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों की गति में इजाफा किया जा सकेगा। सरकार ने मंगलवार को बताया कि इस इंजन को पश्चिम बंगाल स्थित चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स फैक्ट्री में तैयार किया गया है। रेल मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया, ‘नए लोकोमोटिव इंजन से प्रीमियम ट्रेनों का अधिक गति से संचालन हो सकेगा।’

मंत्रालय के मुताबिक राजधानी, शताब्दी और दूरंतो जैसी ट्रेनों की गति में इजाफा होगा। अभी शताब्दी एक्सप्रेस की अधिकतम स्पीड 155 किमी प्रतिघंटा ही है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को एक ट्वीट में बताया कि इस इंजन को मेक इन इंडिया के तहत तैयार किया गया है। इससे ट्रेनों को वह गति मिल सकेगी, जो अब तक नहीं थी। चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स ने इस इंजन को मार्च 2019 में ही तैयार किया था, लेकिन अब इसे टास्क सौंपा गया है।

देश के महत्वपूर्ण रूटों पर ट्रेनों की गति में इजाफा करने के मकसद से इस रेल इंजन को तैयार किया गया है। बता दें कि मिशन रफ्तार के तहत रेलवे देश भर में अपने नेटवर्क पर ट्रेनों की औसत गति को बढ़ाने पर काम कर रहा है। बता दें कि इसी सप्ताह की शुरुआत में रेलवे ने दिल्ली-मुंबई और दिल्ली हावड़ा रूट पर 160 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेनों के संचालन की योजना को मंजूरी दी है। इससे माल गाड़ियों की स्पीड दोगुनी हो सकेगी, जबकि यात्री गाड़ियों की गति में 60 फीसदी तक का इजाफा हो सकेगा।



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