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370 पर प्रियंका, संविधान के खिलाफ है फैसला

हाइलाइट्स
* प्रियंका गांधी ने संविधान से अनुच्छेद 370 हटाने पर पार्टी की राय से सहमति जताई
* सोनभद्र में बोलीं प्रियंका गांधी, ‘सरकार ने लोकतांत्रिक मूल्यों का नहीं किया पालन’
* प्रियंका के सोनभद्र दौरे को यूपी के डेप्युटी सीएम दिनेश शर्मा ने बताया पॉलिटिकल स्टंट

सोनभद्र/एजेंसी
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाने को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्‍होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाने का सरकार का तरीका असंवैधानिक है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश के सोनभद्र स्थित उम्भा गांव आई थीं, जहां उन्होंने कुछ दिनों पहले जमीन विवाद में हुए हत्याकांड के पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।

यहां पत्रकारों से बात करते हुए प्रियंका ने कहा, ‘सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाने को लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन नहीं किया। अनुच्छेद 370 को हटाने का यह तरीका पूरी तरह असंवैधानिक है। जब ऐसा कुछ होता है तो कुछ नियम कायदों का पालन करना होता है, जो नहीं किया गया।’

बता दें कि पिछले हफ्ते जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाने के लिए सरकार के प्रस्ताव का कांग्रेस पार्टी ने राज्यसभा और लोकसभा में पुरजोर विरोध किया था। हालांकि ज्योतिरादित्य सिंधिया, जनार्दन द्विवेदी जैसे कई बड़े कांग्रेस नेता पार्टी लाइन से इतर सरकार के फैसले का समर्थन करते नजर आए और इसे देशहित में लिया गया फैसला बताया।

सोनभद्र में हुए नरसंहार के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी मंगलवार को उम्भा गांव का दौरा करने पहुंचीं। प्रियंका ने मंगलवार दोपहर उम्भा में उन मृतकों के परिवारजन से मुलाकात की, जिन्होंने बीते दिनों एक जमीनी विवाद के बाद हुए शूटआउट में अपनी जान गंवाई थी। प्रियंका गांधी ने यहां इन परिवारों से मिलकर उनके प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और घायलों का हालचाल भी जाना। इससे पहले 19 जुलाई को प्रियंका को उम्भा गांव जाने से रोक दिया गया था, जिसके बाद प्रियंका धरने पर बैठ गई थीं।

‘प्रियंका को सोनभद्र जाकर पश्चाताप करना चाहिए’
उधर, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने प्रियंका के इस दौरे को पॉलिटिकल स्टंट करार दिया है। उन्होंने कहा, ‘सोनभद्र में हुए हत्याकांड की जड़ कांग्रेस ही है। उन्हें वहां (सोनभद्र) जाकर पुराने कांग्रेस नेताओं के कर्मों का पश्चाताप करना चाहिए। इतने दिनों बाद जब इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जा चुकी है, तब वहां जाना पॉलिटिकल स्टंट के अलावा और कुछ नहीं है।’



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