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NRC : पूर्व राष्ट्रपति के परिवार का नाम शामिल नहीं

हाइलाइट्स
* असम में जारी एनआरसी की फाइनल लिस्ट में भारत के 5वें राष्ट्रपति फखरुद्दीन अहमद अली के परिवार के सदस्यों का नाम भी शामिल नहीं
* नागरिकता के लिए पूर्व राष्ट्रपति का परिवार लेगा कानूनी मदद, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी नाम गायब होने पर उठाए सवाल
* असम सरकार ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की फाइनल लिस्ट जारी की, इस लिस्‍ट में 19 लाख से अधिक लोग अपनी जगह नहीं बना पाए हैं

गुवाहाटी/एजेंसी

असम में जारी एनआरसी की फाइनल लिस्ट में भारत के 5वें राष्ट्रपति फखरुद्दीन अहमद अली के परिवार के सदस्यों का नाम भी शामिल नहीं है। परिवार का कहना है कि पिछले साल जारी किए गए एनआरसी ड्राफ्ट में भी उनके परिवार के सदस्य का नाम नहीं था। परिवार ने नागरिकता के लिए अब कानूनी मदद लेने का फैसला किया है। इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी लिस्ट में पूर्व राष्ट्रपति के परिवार के सदस्यों का नाम न होने पर सवाल उठाया था। ममता ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि एनआरसी में वास्तविक भारतीयों को भी शामिल नहीं किया गया है।

पूर्व राष्ट्रपति के भतीजे अहमद ने दर्द बयां करते हुए कहा, ‘एनआरसी की लिस्ट में हमारे परिवार के 4 सदस्यों के नाम गायब हैं। हम 7 सितंबर के बाद अथॉरिटी के पास जाएंगे और लिस्ट में नाम शामिल कराने के लिए आगे की प्रक्रिया का पालन करेंगे।’ पूर्व राष्ट्रपति का परिवार असम से कामरूप जिले के रंगिया इलाके में रहता है। अहमद ने बताया कि पिछले साल जुलाई में जारी किए गए एनआरसी ड्राफ्ट में भी उनके परिवार के सदस्यों का नाम शामिल नहीं था। फखरुद्दीन अली अहमद 1974 से 1977 तक भारत के राष्ट्रपति रहे।

19 लाख लोग लिस्ट से बाहर
बता दें क‍ि असम सरकार ने शनिवार को राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की फाइनल लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्‍ट में 19 लाख लोग अपनी जगह नहीं बना पाए हैं। एनआरसी के राज्‍य समन्‍वयक प्रतीक हजेला के अनुसार, कुल 3,11,21,004 लोग इस लिस्‍ट में जगह बनाने में सफल हुए हैं। एनआरसी की फाइनल लिस्‍ट से 19,06,657 लोग बाहर हो गए हैं। एनआरसी बाहर से किए गए लोगों को अब तय समय सीमा के अंदर विदेशी न्यायाधिकरण के सामने अपील करनी होगी। सुप्रीम कोर्ट ने 31 अगस्‍त तक एनआरसी की अंतिम सूची जारी करने की अंतिम समय सीमा तय की थी। एनआरसी लिस्‍ट को बनाने की प्रक्रिया 4 साल पहले शुरू हुई थी और सरकार ने तय समय के भीतर यह सूची जारी कर दी है।

बीजेपी मंत्री ने एनआरसी को लेकर जताया असंतोष
हालांकि लिस्ट को लेकर विपक्षी दलों के अलावा बीजेपी में भी अंसतोष पैदा हो गया है। असम के वित्त मंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने कहा कि एनआरसी की अंतिम सूची में कई ऐसे लोगों के नाम शामिल नहीं हैं जो 1971 से पहले बांग्लादेश से भारत आए थे। असम के वित्त मंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने एनआरसी की अंतिम सूची पर कहा था, ‘लिस्ट से बाहर किए गए लोगों के नंबर कुछ ज्यादा होने चाहिए थे, हमारे पास सबूत है कि डेटा से छेड़छाड़ की गई है। हमें लगा की फिर से वेरिफिकेशन किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मुझे लगता है कि आंकड़े कम हैं, ये और ज्यादा होने चाहिए थे।’

400 फॉरनर्स ट्राइब्यूनल स्थापित किए जाएंगे
एनआरसी से निकाले गए लोग अब फॉरनर्स ट्राइब्यूनल में गुहार लगा सकेंगे। इसके लिए असम सरकार 400 फॉरनर्स ट्राइब्यूनल स्थापित करेगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह राजनीति) कुमार संजय कृष्णा ने कहा कि ऐसे 200 ट्राइब्यूनल स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है तथा सूची से निकाले गए लोगों के हितों के लिए ऐसे 200 और ट्राइब्यूनल जल्द स्थापित किए जाएंगे।



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