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शिवसेना : आदित्य नहीं, शिंदे चुने गए नेता

हाइलाइट्स
* मुंबई में पार्टी मुख्यालय में हुई शिवसेना के विधायक दल की बैठक
* पार्टी के वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे को चुना गया विधायक दल का नेता
* खुद आदित्य ठाकरे ने रखा शिंदे के नाम का प्रस्ताव, सुनील प्रभु चीफ विप
* शाम सवा 6 बजे राज्यपाल से मिलेंगे शिवसेना के सभी 56 विधायक

मुंबई/एजेंसी

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के नतीजे आए एक हफ्ते हो चुके हैं लेकिन सत्ता के लिए रस्साकशी अब तक जारी है। बीजेपी और शिवसेना के बीच अभी 50-50 फॉर्म्युले पर मामला अटका हुआ है। इस बीच शिवसेना विधायक दल की बैठक में एकनाथ शिंदे को नेता चुन लिया गया है। इसके लिए आदित्य ठाकरे ने ही प्रस्ताव रखा था, जिस पर शिवसेना के सभी 56 विधायकों ने अपनी सहमति दी। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि आदित्य ठाकरे के सीएम बनने की संभावना खत्म हो गई है। एकनाथ को नेता बनाने के बाद भी शिवसेना आदित्य ठाकरे को सीएम के लिए आगे कर सकती है। वहीं, सुनील प्रभु को सदन में पार्टी का चीफ विप बनाया गया है। सभी विधायक आज ही राज्यपाल से मुलाकात करने वाले हैं। ऐसे में सियासी गहमागहमी बढ़ गई है।

26:13 के फॉर्म्युले पर बनेगी बात?
सूत्रों के मुताबिक शिवसेना की बैठक में बीजेपी के उपमुख्यमंत्री पद वाले ऑफर पर चर्चा नहीं हुई। खबर है कि बीजेपी ने शिवसेना को उपमुख्यमंत्री पद के साथ 13 मंत्री पद देने का फैसला किया है। बीजेपी सूत्रों की मानें फडणवीस खुद शिवसेना प्रमुख से इस पर बात कर सकते हैं। बीजेपी ने जो प्रस्ताव तैयार किया है, उसके तहत वह 26 मंत्री पद अपने पास रखेगी और 13 शिवसेना को देगी। बीजेपी राजस्‍व, वित्‍त, गृह और नगर विकास जैसे अहम मंत्रालय अपने पास रख सकती है। कितने कैबिनेट स्‍तर के होंगे, यह बातचीत के बाद तय होगा।

आदित्य नहीं एकनाथ, शिवसेना का गेमप्लान
कयास लगाए जा रहे थे कि शिवसेना की बैठक में आदित्य ठाकरे को विधायक दल का नेता चुना जाएगा। हालांकि आदित्य ठाकरे ने खुद एकनाथ शिंदे के नाम का प्रस्ताव रखा। समझा जा रहा है कि सत्ता को लेकर जारी सस्पेंस के बीच शिवसेना ने अपने नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच एक सकारात्मक संदेश देने के लिए एकनाथ शिंदे को विधायक दल के नेता के तौर पर प्रोजेक्ट किया है।

कुछ देर में राज्यपाल से मिलेंगे शिवसेना विधायक
शिवसेना के विधायक दल की बैठक के कुछ देर बाद ही पार्टी के विधायक गवर्नर से मिलने जा रहे हैं। गवर्नर से किस विषय पर बात होगी, इसको लेकर तरह-तरह की बातें हो रही हैं पर शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत का कहना है कि राज्य में किसानों की समस्याओं को लेकर गवर्नर से मुलाकात करने जा रहे हैं। शिवसेना का कहना है कि राज्यपाल से मुलाकात के दौरान बेमौसम बारिश से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए तुरंत मुआवजा दिए जाने की मांग की जाएगी। उधर, नई सरकार के गठन पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि जिसका भी नाम लीजिए, सभी हमारे संपर्क में हैं। राउत का कहना है कि शाम को 6:15 बजे पार्टी के विधायक राज्यपाल से मिलेंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस दौरान सरकार बनाने की संभावनाओं पर भी बात हो सकती है।

संजय राउत ने दी चेतवानी, बच्चा पार्टी न समझें
बैठक से पहले शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने बीजेपी को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि हमें ‘बच्चा पार्टी’ समझने की भूल न करें। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 288 सदस्यों वाली विधानसभा में 105 सीटें होने पर भला कहीं सत्ता मिलती है। उन्होंने कहा, ‘हम अपने वादे से पीछे नहीं हटे हैं। वादे से पीछे हमारा मित्र पक्ष (बीजेपी) हटा है। हम अपनी मांग जारी रखेंगे।’ शिवसेना को मुख्यमंत्री पद न देने के देवेंद्र फडणवीस के बयान पर संजय राउत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘105 सीटों से सरकार बनती है क्या? अगर बनती है तो वे जाकर सरकार बना लें।’ इससे पहले बुधवार को शिवसेना के सांसद संजय राउत ने अपने रुख में थोड़ी नरमी दिखाते हुए कहा था कि अच्‍छा होगा अगर बीजेपी और शिवसेना महाराष्‍ट्र में अगली सरकार बनाते हैं। फडणवीस ने भी कहा है कि बीजेपी जल्‍द से जल्‍द शिवसेना नेतृत्‍व से सरकार बनाने पर बात करेगी।

आठवले बोले- फडणवीस को ही चाहते हैं सीएम
इस बीच महाराष्ट्र में एनडीए के सहयोगी दल आरपीआई (आठवले) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले का साफ कहना है कि वह दो मुख्यमंत्री के पक्ष में नहीं हैं। आठवले ने कहा, ‘बीजेपी-शिवसेना महागठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिला है। बुधवार को देवेंद्र फडणवीस बीजेपी विधायक दल के नेता चुने गए। हमने मुख्यमंत्री पद के लिए उनके नाम के समर्थन का फैसला लिया है, क्योंकि हमारे लिए वह इकलौते दावेदार हैं। हम एक मुख्यमंत्री चाहते हैं, जो पूरे पांच साल के कार्यकाल के लिए हो।’

महाराष्ट्र में सत्ता का गणित
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 105 और शिवसेना ने 56 सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं, 54 सीटों पर शरद पवार की एनसीपी और 44 पर कांग्रेस जीती है। अन्य दलों को 29 सीटों पर कामयाबी मिली है। 288 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का जादुई गणित 145 है। शिवसेना और बीजेपी गठबंधन के पास 161 विधायक हैं। लेकिन अभी दोनों के बीच बात अटकी हुई है। अगर एनसीपी और कांग्रेस मिलकर शिवसेना को समर्थन दे दें तो वह सरकार बना सकती है।

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