Big Breaking News : भूपेश कैबिनेट ने आरक्षण संशोधन विधेयक को दी मंजूरी…एसटी 32%,ओबीसी 27%, एससी 13% और ईडब्ल्यूएस 4% आरक्षण पर कैबिनेट ने लगाई मुहर…पढ़ें पूरी खबर

रायपुर । वर्तमान भारत ।

गजाधर पैकरा

रायपुर। वर्तमान भारत। भूपेश कैबिनेट ने आरक्षण संशोधन विधेयक को मंजूरी दी है। इस नए विधेयक में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग को आरक्षण देने के मसौदे पर अनुमोदन दिया गया है।

जानकारी के अनुसार अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 32 फ़ीसदी, अनुसूचित जाति के लिए 13 फ़ीसदी, ओबीसी वर्ग के लिए 27 फीसदी और ईडब्ल्यूएस के लिए 4 फ़ीसदी आरक्षण दिए जाने का प्रस्ताव पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगाई है।

इसके अतिरिक्त मंत्रिपरिषद की बैठक में जिला खनिज संस्थान न्यास से संभावित अधोसंरचना के कार्यों पर व्यय हेतु न्यास निधि में मिली राशि से निश्चित प्रतिशत राशि के बंधन से मुक्त किए जाने के संबंध में छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान नियम 2015 में संशोधन किए जाने का निर्णय लिया गया है।

इसके तहत डीएमएफ के अन्य प्राथमिकता मद में उपलब्ध राशि का 20% सामान्य क्षेत्र में तथा 40% अधिसूचित क्षेत्र में व्यय किए जाने के प्रावधान को समाप्त कर दिया है। इससे अधोसंरचना की कार्य को तीव्रता मिलेगी। जिससे प्रदेश में सामाजिक एवं आर्थिक विकास में तीव्रता आएगी।

नवीन मछली पालन नीति में संशोधन किए जाने के विभागीय आदेश का मंत्री परिषद द्वारा अनुमोदन किया गया। अब मछली पालन के लिए तालाब/ जलाशय की नीलामी नहीं होगी। तालाब /जलाशय 10 वर्ष के लिए लीज कर दिए जाएंगे। तालाब/ जलाशय के पट्टा आवंटन में सामान्य क्षेत्र में ढीमर, निषाद, केवट, कहार कहरा, मल्लाह के मछुआ समूह को एवं मत्स्य सहकारी समिति को प्राथमिकता दी जाएगी। इसी तरह अनुसूचित जनजाति अधिसूचित क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति वर्ग के मछुआ समूह एवं मत्स्य सहकारी समिति को प्राथमिकता दी जाएगी।

संशोधन प्रस्ताव के तहत ग्रामीण तालाब के मामले में अधिकतम 1 हेक्टेयर के स्थान पर आधा हेक्टेयर तथा सिचाई जलाशय के मामले में 4 हेक्टेयर के स्थान पर 2 हेक्टेयर प्रति सदस्य /प्रति व्यक्ति के मान से जल क्षेत्र आवंटित किए जाने का प्रावधान किया गया है। मछली पालन के लिए गठित समितियों का ऑडिट अब सहकारिता एवं मछली पालन विभाग की संयुक्त टीम करेगी।

राज्य शासन छत्तीसगढ़ राज्य वनोपज संघ एवं निजी निवेशकों के मध्य संपादित त्रिपक्षीय एमओयू के आधार पर स्थापित वनोपज आधारित उद्योगों द्वारा जो उत्पाद निर्माण किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ हर्बल ब्रांड के अंतर्गत 40% की छूट के साथ ग्रह करते हुए संजीवनी एवं अन्य माध्यमों से विक्रय हेतु शासन द्वारा निर्णय लिया गया है।

इस निर्णय के फलस्वरूप उन उद्योगों को जो वनोपज आधारित उत्पादों का निर्माण करना चाहते हैं। उनको बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ हर्बल अंतर्गत अच्छी क्वालिटी के उत्पादों का विक्रय हो सकेगा।

द्वितीय अनुपूरक अनुमान वर्ष 2022- 23 का विधान सभा में उप स्थापन के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक 2022 का अनुमोदन किया गया।ग्राम सेरी खेड़ी रायपुर पटवारी हल्का नंबर 77 में स्थित शासकीय भूमि 9.308 हेक्टेयर भूमि का आवंटन प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। प्रदेश के विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन साधारण प्रकृति के प्रकरणों को जनहित में वापस लिए जाने के लिए निर्धारित अवधि 31 दिसंबर 2017 को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2018 करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

मुख्यमंत्री के स्वेच्छानुदान राशि 70 करोड़ से बढ़ाकर 110 करोड़ किए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। भारत सरकार के संशोधन के अनुसार राजस्व पुस्तक परिपत्र खंड 6 क्रमांक 4 में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रस्तुत संशोधन प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।