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विवाद पैदा कर सकती है, मदारी आर्टस द्वारा निर्मित फिल्म प्रयोग।भारतीय संविधान पर सवाल खड़ा करना, कर सकता है हंगामा*सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं।मेरी कोशिश है कि हर सूरत बदलनी चाहिए – दुष्यंत कुमार

रायपुर /अंबिकापुर -सार्थक और संदेशपरक सिनेमा के माध्यम से समाज में संदेश देने के लिए जाने जाने वाले मदारी आर्ट्स की नई फिल्म प्रयोग नए विवाद को जन्म दे सकती है, संविधान पर सवाल खड़ा करना और देश की वर्तमान दशा और दिशा को रेखांकित करती हुई इस फिल्म से हंगामा हो सकता है।
सर्वविदीत हो की मदारी आर्ट्स के द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों, देश की वर्तमान स्थिति चोरी , डकैती गुंडागर्दी , बलात्कार, भ्रष्टाचार आतंकवाद, जैसी चीजों को लेकर एक फिल्म बनाई गई है जिसका नाम है, प्रयोग। इस फिल्म का विशेष प्रदर्शन रामानुजगंज और अंबिकापुर में किया गया। यह फिल्म
आजादी के 76 साल के बाद भारत की जो वर्तमान स्थिति है, उस पर आधारित है। इस फिल्म में भारत के संविधान पर भी सवाल उठाए गए है। हमें सुराज्य नहीं, स्वराज चाहिए का नारा, राष्ट्रीय सद्भावना और महात्मा गांधी के विचारों का फिर से प्रयोग करने का संदेश दिया गया है।
इस फिल्म में यह भी संदेश दिया गया है कि अगर आपके आसपास कुछ गलत होता है तो आप बोलना सीखे, आवाज उठाएं l
सवाल यह उठता है कि क्या फिल्म प्रयोग एक नए विवाद को जन्म दे सकती है ? क्या इस फिल्म को लेकर हंगामा हो सकता है ? या फिर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर अपनी बात कहने का सिनेमा जो माध्यम है उसे लोग स्वीकार कर लेंगे।
इस फिल्म के संबंध में निर्माता एवं कलाकार आनंद कुमार गुप्त ने बताया कि सिनेमा समाज का आईना होता है । आज़ादी के 76 साल बाद जी स्तिथि है, उसे हम बताना चाहते हैं, देश के कालजई गजलकार श्री दुष्यंत कुमार जी ने लिखा है कि सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं
मेरी कोशिश है की हर सूरत बदलानी चाहिए। आनन्द ने यह भी बताया कि इस फिल्म के माध्यम से हम सच बताना चाहते हैं और यह हमारा अधिकार है। पिछले 76 साल में हमारा देश भारत बहुत तरक्की किया है। लेकिन उसी गति से देश में अंदरुनी ताकते बढ़ी भी है, हम यही बताना चाहते हैं ।