विश्व ओजोन दिवस के मौके पर स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कुनकुरी में आयोजित की गई ऑफलाइन लिखित प्रतियोगिता

वर्तमान भारत
कुनकुरी जशपुर छत्तीसगढ़

जिला कलेक्टर महादेव कावरे के विशेष निर्देशन एवं संस्थान के प्राचार्य एम एस पैंकरा के मार्गदर्शन में गुरुवार को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुनकुरी में विश्व ओज़ोन दिवस के मौके पर स्कूली छात्रों की ऑफलाइन लिखित प्रतियोगिता आयोजित की गई।प्रतियोगिता उच्च एवं उच्चत्तर माध्यमिक खण्ड के स्टूडेंट्स के लिए विश्व ओज़ोन दिवस 2021 की थीम : मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल कीपिंग अस ,अवर फ़ूड वैक्सीन कूल पर आर्टिकल लेखन के लिए दी गई।
इस प्रतियोगिता में स्टूडेंट्स ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया ,130 स्टूडेंट्स लिखित प्रतियोगिता में शामिल हुए।

प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य स्टूडेंट्स में स्टूडेंट्स को ओज़ोन परत के महत्व, इसके क्षय के कारणों एवं सुरक्षात्मक उपायों से अवगत कराना था।प्रतियोगिता आयोजन से पूर्व विद्यालय के शिक्षक श्री एस के चौहान ने कहा कि ओज़ोन परत पृथ्वी का सुरक्षा कवच है, जिस प्रकार जीवन के अस्तित्व के लिए ऑक्सीजन आवश्यक है उसी तरह जीवन की निरंतरता बने रहने के लिए ओज़ोन परत का होना बहुत जरूरी है। उन्होंने इस परत के महत्व से स्टूडेंट्स को अवगत कराया ।

प्रतियोगिता प्रभारी एस पी यादव ने स्टूडेंट्स को बताया कि ओज़ोन परत के कारण ही धरती पर जीवन संभव है, यह सूर्य से आने वाले उच्च आवृत्ति की 90-99% पराबैंगनी किरणों को पृथ्वी पर आने से रोकती है,जो पृथ्वी पर जीवों एवं वनस्पतियों के लिए हानिकारक है। पृथ्वी के वायुमंडल का 91% से अधिक ओज़ोन यहाँ मौजूद है। उन्होंने बताया कि ओज़ोन अणुओं के लेयर की एक परत है जो पृथ्वी के वायुमंडल से 10 से 50 किमी की ऊँचाई पर पायी जाती है।ओज़ोन से निकलने वाले हानिकारक पराबैंगनी किरणों से जीवों एवं वनस्पतियों का जीवन संकट में पड़ सकता है,
बढ़ते प्रदूषणों का ग्राफ ,रेडियोएक्टिव उत्सर्जन,क्लोरोफ्लोरो कार्बन ओज़ोन परत के क्षरण के लिए जिम्मेदार हैं।
इस आशय से इस परत का सरंक्षण बेहद जरूरी है।

जानिए क्यों मनाया जाता है विश्व ओज़ोन दिवस

सयुंक्त राष्ट्र महासभा द्वारा इंटरनेशनल ओज़ोन दिवस मनाने की घोषणा की गई थी,19 दिसंबर 1984 को ओज़ोन परत के सरंक्षण के लिए 16 सितंबर को इंटरनेशनल डे घोषित किया गया। 16 सितम्बर 1987 को सयुंक्त राष्ट्र एवं अन्य 45 देशों ने ओज़ोन परत को खत्म करने वाले पदार्थों पर मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए थे। मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल का मुख्य उद्देश्य ओज़ोन परत की कमी के लिए जिम्मेदार पदार्थों के उत्पादन को कम करके ओज़ोन परत की सुरक्षा करना है।उन्होंने कहा कि इस परत की सुरक्षा के साथ साथ पर्यावरण एवं प्रकृति की सुरक्षा भी आवश्यक है।

स्पर्धा प्रभारी एस पी यादव ने बताया कि जल्द ही ऑफलाइन लिखित प्रतियोगिता के फ़ाइनल रिजल्ट जारी किए जाएंगे एवं साथ ही उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।