कहानियां किस्से

झूले हिंडोले

अटैचमेंट नाम की चीज़ उमेश में नहीं है. जब से शादी हुई, उसने उसके अंदर एक अलग ही एटीट्यूड देखा है. उमेश को वह क़सूरवार ज़्यादा नहीं मानती, क्योंकि जानती है कि उसकी परिस्थितियों ने उसे ऐसा बना दिया है, पर वह उसे कितनी बार समझा चुकी है कि अब सब कुछ बदल चुका है. […]

कहानियां किस्से

टूटे खिलौने

इतना सुनते ही उसका हाथ फिसला और वायलिन का तार टूट गया. उसके बाद वायलिन बजना बंद हो गया. ऐसी कितनी ही घटनाएं भरी पड़ी हैं ज़िंदगी के सुरों के बिखरने की, फिर भी वह सही सलामत है. भला खिलौनों के टूटने से कहीं आदमी टूटता है. खिलौने तो बस जज़्बात भर होते हैं और […]

कहानियां किस्से

झूले हिंडोले

अटैचमेंट नाम की चीज़ उमेश में नहीं है. जब से शादी हुई, उसने उसके अंदर एक अलग ही एटीट्यूड देखा है. उमेश को वह क़सूरवार ज़्यादा नहीं मानती, क्योंकि जानती है कि उसकी परिस्थितियों ने उसे ऐसा बना दिया है, पर वह उसे कितनी बार समझा चुकी है कि अब सब कुछ बदल चुका है. […]

कहानियां किस्से

ग़लत फैसला

“तुमने अगर एक ग़लत फैसला लिया, तो मैं उस वजह से तुम्हारा साथ नहीं छोड़ सकता. साथ निभाने का वादा किया है, उसे निभाना भी जानता हूं. पर…” आंसुओं से भीगे चेहरे पर छाए ग्लानि के भाव देख मानव ने प्यार से उसके कंधे को थपथपाया. लेखिका : सुमन बाजपेयी फैसला तो दोनों ने ही […]

कहानियां किस्से

तुम्हारी मां

विरह के बाद का प्रेम और तीव्र होता है. आज यह कहने में मुझे तनिक भी संकोच नहीं कि वे दस दिन मेरे जीवन के अत्यधिक सुंदर दिन थे. प्रेम वह शब्द है, जिसकी व्याख्या असंभव है, पर इसमें जीवन छुपा है. जीने की चाह छुपी है. लेखिका : पल्लवी पुंडीर कहीं पढ़ा था मैंने […]

कहानियां किस्से

नॉमिनी

“मैंने पुनीत और नूपुर को आड़े हाथों लिया कि उनके पापा को कितना दुख होगा कि उनकी वजह से नूपुर का प्रमोशन रुक गया. ये बच्चे कुछ समझते ही नहीं हैं.” मैं भावविभोर निर्निमेष नेत्रों से जीजी को देखे जा रही थी. “… वैसे नासमझ तो मैं भी कुछ कम नहीं थी. अपने ही दुख […]

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ग़लत फैसला

“तुमने अगर एक ग़लत फैसला लिया, तो मैं उस वजह से तुम्हारा साथ नहीं छोड़ सकता. साथ निभाने का वादा किया है, उसे निभाना भी जानता हूं. पर…” आंसुओं से भीगे चेहरे पर छाए ग्लानि के भाव देख मानव ने प्यार से उसके कंधे को थपथपाया. लेखिका : सुमन बाजपेयी फैसला तो दोनों ने ही […]

कहानियां किस्से

छोटी-सी बात

कमाल की बात सुन विकास और सारा ने एक-दूसरे को देखा. लगा एक अलग दुनिया में आ गए हैं. यह यात्रा सचमुच एक हादसा साबित होनेवाली है. ये मुन्ना नहीं कमाल है. वह आसिफ है. वह फरहत. कमाल हमारे लिए अजनबी है. लेखिका : सुषमा मुनीन्द्र सेल फोन पर नवल का कॉल है. “विकास, मैं […]

कहानियां किस्से

तानाशाह मन

अपने अधीन डॉक्टर को सब निर्देश दे, वे लौट गए. बहुत रोकने पर भी मेरा मन पुराने दिनों में विचरने लगा. जितनी बार भी उनके आकर्षण में खिंचा मन, उतनी बार ही मैंने उसे डांटा. “उनकी पत्नी के स्थान पर मैं होती तो?” बुद्धि का मन पर कड़ा पहरा बिठा दिया, पर अजब तानाशाह है […]

कहानियां किस्से

बदली हुई भूमिकाएं

आजकल यही होता है, रिनी और तन्मय हमें बताते हैं कि हम पर क्या अच्छा लग रहा है, हमें कहां जाना चाहिए और कहां नहीं. शुरू में बहुत अजीब लगता था, कभी-कभी झुंझलाहट भी होती थी, पर अब सोचती हूं तो अच्छा लगता है कि घर में, जीवन में भूमिकाएं बदल गईं. लेखिका : हिना […]