विमर्श समालोचना

विकल्प और मजबूरी के मुहाने पर खड़े नीतीश कुमार

नरेंद्र नाथ in पावर प्ले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक एक साल पहले बड़ा बयान देते हुए सार्वजनिक तौर पर नीतीश कुमार को एनडीए गठबंधन का चेहरा बता दिया। इस बयान के पीछे अमित शाह का मकसद उस बयानबाजी और सियासी उठापटक पर अभी विराम लगाना था […]

विचार विमर्श

बादशाहत की चमक

टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 3-0 से जीत हासिल कर देशवासियों को दीवाली को तोहफा दिया और दुनिया के टेस्ट क्रिकेट परिदृश्य में अपना मुकाम थोड़ा और ऊंचा कर लिया। मंगलवार को रांची टेस्ट के चौथे दिन भारत ने साउथ अफ्रीका को पारी और 202 रनों से हरा दिया। साउथ […]

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नोबेल निर्णायकों ने अपनाया सुरक्षित रास्ता

एक साल की गैरहाजिरी के बाद साहित्य के नोबेल पुरस्कार सामने हैं। स्थगित वर्ष 2018 के साथ 2019 के विजेता की भी घोषणा की गई है। पोलैंड की लेखिका ओल्गा तोकारजुक को 2018 के लिए जबकि ऑस्ट्रियाई लेखक पीटर हैंडके को 2019 के लिए पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की गई। माना जा रहा था […]

विमर्श समालोचना

विजयादशमी : विजय मानवता की अंतिम उपलब्धि नहीं!

राघवेंद्र शुक्ला in शब्दभेदी विजय ही जीवन का ध्येय है। विजय ही श्रेष्ठ प्राप्य है। विजय ही सर्वश्रेष्ठ लक्ष्य है। विजय चाहिए, केवल विजय। पराजय कमजोरी और अयोग्यता का प्रतीक है। इसीलिए इतिहास गाथाएं केवल विजेताओं के गौरवगान से भरी पड़ी हैं। पराजित का जीवन कितना भी आदर्शमय क्यों न हो, वह दर्ज नहीं होगा। […]

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लोकतंत्र को झटका

मॉब लिंचिंग की घटनाओं से चिंतित होकर प्रधानमंत्री को पत्र लिखने वाले 49 कलाकारों-बुद्धिजीवियों पर बिहार की एक अदालत में राजद्रोह का केस दर्ज होना भारतीय लोकतंत्र पर एक बड़ा धब्बा है। अधिकार और स्वतंत्रता को लेकर अक्सर पूरी दुनिया में भारतीय जनतंत्र की मिसाल दी जाती है। भीड़ की हिंसा पर चिंता जताने वालों […]

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बदल रही है रेलवे

भारतीय रेलवे अपने ढांचे और सेवाओं को चुस्त-दुरुस्त, स्मार्ट और प्रफेशनल बनाने में जुट गई है। रेलवे स्टेशनों को स्वच्छ और सुंदर बनाने की पहल के बाद यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्राइवेट ट्रेन की शुरुआत की गई है। स्टेशनों का हाल सुधारने के लिए रेलवे वर्ष 2016 से इनका थर्ड पार्टी […]

विमर्श समालोचना

जिम्मेदार नागरिक बनने का एक और अवसर

लेखक : सहीराम सरकार हमेशा ही हमें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रोत्साहित करती है। जैसे जब भी मौका लगता है, यह जरूर कहती है कि कानून और व्यवस्था बनाए रखना सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, नागरिकों की भी जिम्मेदारी है। इसी से प्रोत्साहित होकर भीड़ कभी गौ-तस्करों को निपटा देती है और कभी […]

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कश्मीर बेहतरी की ओर

करीब दो महीने बाद नैशनल कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस और जम्मू-कश्मीर पैंथर्स पार्टी के जम्मू क्षेत्र के सात नेताओं को इसी मंगलवार नजरबंदी से रिहा कर दिया गया। हालांकि इसकी औपचारिक घोषणा नहीं की गई, पुलिस के आला अधिकारियों ने दावा किया कि इन नेताओं को कभी हिरासत में नहीं लिया गया था और ये राजनीतिक गतिविधियों […]

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दिल के रोग हंस कर टालने से मौत नहीं टलती

लेखक : प्रदीप सरदाना दुनिया भर में दिल की बीमारियों और उनके खतरों में बढ़ोतरी देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने सभी को जागरूक करने के उद्देश्य से साल 2000 से ‘विश्व हृदय दिवस’ मनाने की शुरुआत की। तब से हर साल सितंबर महीने की 29 तारीख को वर्ल्ड हार्ट फाउंडेशन विश्व भर में इसका आयोजन […]

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स्वच्छता की यात्रा

स्वच्छ भारत अभियान के पांच साल पूरे हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो अक्टूबर 2014 को इसकी शुरुआत की थी। स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों को भी इससे जोड़ा गया और उन्हें सफाई को लेकर जागरूक किया गया। इन पांच वर्षों में साफ-सफाई का लक्ष्य शत-प्रतिशत भले न पूरा हुआ हो, मगर […]