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बगीचा के ग्राम टांगरडीह में..पति की दीर्घायु के लिए महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत….@देखिए वीडियो

बगीचा से रोहित कुमार की रिपोर्ट

बगीचा विकासखण्ड के ग्राम टांगरडीह में इस विषय दिन पर महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष उपासना करती हैं और वैवाहिक जीवन में सुख -समृद्ध की प्रार्थना करती हैं। इस वर्ष हरतालिका तीज व्रत 18 सितंबर 2023 सोमवार के दिन पड़ा है।आज सुहागिन महिलाएं हरतालिका तीज का व्रत रखेंगी। इस दिन महिलाएं निर्जला उपवास रख भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती समेत पूरे शिव परिवार की पूजा करती है।धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक,तीज का व्रत रखने से पति की आयु दीर्घायु होती है और दांपत्य जीवन में मधुरता के साथ खुशहाली बनी रहती है।

हरतालिका का व्रत विवाहित स्त्रियों के अलावा कुंवारी युवतिय करती हैं। कहते हैं कि कुंवारी कन्याओं द्वारा इस व्रत को रखने से उन्हेंअच्छे जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। साथ ही शादी से जुड़ीं तमाम बाधाएं दूर हो जाती हैं।आपको बता दें कि हरतालिका तीज को गौरी तृतीया व्रत के नाम से भी जाना जाता है।

हरतालिका तीज पूजा विधि

हरतालिका तीज के दिन प्रातः काल उठकर स्नान आदि कर साफ़ वस्त्र पहन लें। इसके बाद व्रत का संकल्प लें अब सुहागिन स्त्रियां लाल या हरे रंग की साड़ी पहनकर और मेहंदी लगाकर सोलह श्रृंगार कर लें। और फिर बालू या शुद्ध काली मिट्टी से शिव-पार्वती और गणेश जी की मूर्ति बनाएं। पूजा वाली जगह को साफ कर गंगाजल छिड़कर शुद्ध कर लें। इसके बाद यहां पर एक चौकी रख दें। उसके बाद इस पर केले के पत्ते बिछाएं और भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी प्रतिमा स्थापित कर दें। अब तीनों का षोडशोपचार विधि से पूजन करें। इसके बाद भगवान शिव को धोती और अंगोछा चढ़ाएं और माता पार्वती को सुहाग से संबंधित हर एक चीज जढा़एं। पूजा के बाद तीज की कथा सुनें और रात्रि जागरण करें। हर प्रहर को तीनों की पूजा करते हुए बिल्वपत्र,आम के पत्ते,चंपक के प्रत्ते एवं केवड़ा अर्पण करें और आरती करनी चाहिए की पूजा के बाद माता पार्वती को चढ़ाया सिदूर अपने मांग में लगाएं मिट्टी के शिवलिंग का विसर्जन कर दें और फिर व्रत का पारण करें। वहीं मां पार्वती को चढ़ाएं गए सभी सुहाग की सामग्री किसी ब्राह्मणी को दान में दें।